सिन्दूर से वशीकरण करने का मंत्र

सिन्दूर मोहन वशीकरण मंत्र:-

बहुत से ऐसे महानुभाव है जिनको किसी स्त्री से प्यार हो जाता है और इससे वशीभूत होकर वे उस स्त्री को किसी भी हालत में पाना चाहते है इसके लिए उन्हें चाहे तामसिक क्रियाओं का सहारा लेना पड़े, इसके लिए बहुत से लोगों का निवेदन प्राप्त हो रहा था तो उन्ही पाठकों के निवेदन पर प्रस्तुत है सिन्दूर से वशीकरण की क्रिया।

मंत्र:-

ॐ नमो आदेश गुरूजी का
सिन्दूर की मैया
सिन्दूर नाम तेरी पत्ती
कामाख्या सिरपर तेरी उत्पत्ति
सिन्दूर पढ़ि मैं लगाऊ बिंदी
वश ‘अमुक ‘ होके रहे निर्बुद्धि
महा देव की शक्ति
गुरु की भक्ति
न वशी हो तो कामरु कामाख्या की दुहाई
आदेश हाड़ी दासी चंडी का
अमुक का मन निकाल लाओ
नहीं तो महादेव पिता का वाम पढ़ लग जाये
आदेश गुरु जी ,आदेश….. आदेश ….. ।।

 

वशीकरण प्रयोग विधि:-चांदी की डिब्बी में कमिया सिन्दूर लेकर किसी खुली जगह में पूर्णिमा में चाँद की रोशनी में रात को बाहर छोड़ दे, सुबह सूर्योदय से पहले इसको उठा ले।

इसके बाद सोमवार के दिन शरीर पर शराब का छिड़काव देकर (बाल सहित ) नहा ले । इसके बाद नैऋत्य कोण(दक्षिण और पश्चिम दिशा के मध्य) की और मुँह करके निर्वस्त्र होकर बैठे । दांयी हथेली पर सिन्दूर वाली डिब्बी रखकर ऊपर लिखे मंत्र का १००८ (1008) बार जप करे । इसके बाद इस सिंदूर को सहेज कर रख ले । जब उपयोग करना हो नहा धोकर उपरोक्त मन्त्र का जप तीन बार करके माथे पर इसका टीका लगा ले । इसमें तीन बार बोलते समय अमुक के स्थान पर उसक अनाम से जिसके ऊपर प्रयोग करना है ।

 

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