तंत्र की श्रेणी में विभिन्न प्रकार की आध्यात्मिक और रहस्यमय परंपराएँ शामिल हैं, जिनमें मंत्र, यंत्र, पूजा विधियां और साधनाएँ शामिल हैं। यह परंपरा प्राचीन भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और इसमें अनेक ग्रंथ, विधियां और अभ्यास होते हैं। तंत्र का मुख्य उद्देश्य जीवन के विविध आयामों में ऊर्जा संचार, मनोयोग और आत्मिक उन्नति प्राप्त करना है। इसके विभिन्न प्रकार और परंपराएँ हैं, जैसे शाक्त, शैव, वाम, दक्षिण, और मध्यम तंत्र, जो अलग-अलग देवी-देवताओं और सिद्धांतों पर आधारित हैं। इन विधियों का प्रभाव विभिन्न धर्मों जैसे हिन्दू, बौद्ध, जैन, और तिब्बती पर उल्लेखनीय रहा है।